निष्पक्ष पद्धति संहिता

उचित संव्यवहार संहिता

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) विद्युत क्षेत्र में एक प्रमुख/अग्रणी सार्वजनिक वित्तीय संस्थान और एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है, जो भारतीय विद्युत क्षेत्र के विकास के लिए निधि और गैर-निधि आधारित सहायता प्रदान कर रहा है। यह विद्युत क्षेत्र में निवेश को चैनलाइज करने में प्रमुख भूमिका निभाता है और इस क्षेत्र के विकास के लिए एक वाहन के रूप में कार्य करता है। हमारे ग्राहकों में राज्य विद्युत कम्पनियां, केंद्रीय विद्युत कम्पनियां, विद्युत विभाग, निजी क्षेत्र की विद्युत कम्पनियां (स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों सहित), संयुक्त क्षेत्र की विद्युत कम्पनियां आदि शामिल हैं । पीएफसी ने भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के आधार पर अपने ऋण प्रचालनों के लिए उचित संव्यवहार संहिता (एफपीसी) विकसित की है, जिसका उद्देश्य अपने व्यापारिक लेनदेनों में निष्पक्ष संव्यवहार और पारदर्शिता के लिए अपने सभी ऋणकर्ताओं के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के लिए आश्वासन प्रदान करना है । इस आचार संहिता में बताई गईं प्रतिबद्धताएं सामान्य प्रचालन वातावरण में लागू हैं; तथापि कॉर्पोरेशन के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के तहत हमारे लिए इस संहिता के तहत प्रतिबद्धताओं को पूरा करना संभव नहीं हो सकता है। यह आचार संहिता कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है जो पीएफसी पर कोई भी अधिकार और दायित्वों निर्धारित करता हो । एफपीसी का कार्यान्वयन किया गया और 03/06/2007 से पीएफसी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया। एफपीसी में बाद में किए गए संशोधनों को पीएफसी की वेबसाइट पर अद्यतन किया जाएगा। पीएफसी द्वारा विकसित उचित संव्यवहार संहिता निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए लागू होती है:

  • ऋणों के आवेदन संसाधन
  • ऋणों मूल्यांकन और निबंधन एवं शर्तें
  • ऋणों का संवितरण

ऋणों के आवेदन और संसाधन

  • पीएफसी के सभी मानकीकृत उत्पादों के लिए ऋण आवेदन प्रपत्र आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत किये जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की सूची के साथ इसकी वेबसाइट पर दिए गए हैं। आवेदन पत्र पीएफसी के कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। ऋणों के लिए पीएफसी की ब्याज दरें प्रत्येक संवितरण की तारीख को यथालागू दरें होती हैं। ब्याज दरें और प्रमुख वित्तीय निबंधन एवं शर्तें भी पीएफसी की वेब साइट पर दी गईं हैं। आवेदकों द्वारा मांगे जाने पर विस्तृत मानक निबंधन एवं शर्तें मुहैया कराई जाएंगी। इसके अलावा, निबंधन एवं शर्तों का उल्लेख प्रस्ताव के मूल्यांकन के आधार पर भी किया जाता है।
  • पीएफसी मानक आवेदन प्रारूप के अनुसार पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद प्रत्येक आवेदन के लिए लिखित पावती जारी करेगा। किसी ग्राहक के आवेदन पर कार्रवाई के दौरान कभी कभी अतिरिक्त जानकारी और सहायक दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।
  • सभी संदर्भों में पूरे आवेदनों पर एक उचित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। यदि प्रस्ताव पीएफसी द्वारा अनुमोदित नहीं किया जात है, तो ऐसे मामले में ऋणकर्ता को तदनुसार सूचित किया जाएगा।

ऋण मूल्यांकन और निबंधन और शर्तें

  • पीएफसी अपने आंतरिक दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं के आधार पर ऋण प्रस्ताव का उचित मूल्यांकन सुनिश्चित करता है।
  • मंजूर की जाने वाली सहायता राशि, मंजूरी की शर्तों आदि को मूल्यांकन ऋणकर्ता के प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श और अपेक्षि‍त सावधानी के बाद अंतिम रूप दिया जाता है। ऋणों के लिए पीएफसी की ब्याज दरें प्रत्येक संवितरण की तारीख को यथालागू दरें होती हैं। ब्याज दरें और प्रमुख वित्तीय निबंधन एवं शर्तें भी पीएफसी की वेब साइट पर दी गईं हैं।
    • प्रमुख वित्तीय निबंधन व शर्तें
    • प ब्याज दरें (समय-समय पर यथा अधिसूचित)
  • ऋणकर्ता को अभि‍रूचि की अभि‍व्यक्ति‍ (एलओआई)/मंजूरी के पत्र के माध्यम से विस्तृत निबंधन और शर्तों के साथ ऋणकर्ता को ऋण की मुजूरी के बारे में अवगत कराया जाएगा। निबंधन और शर्तों के बारे में सामान्य रूप से सहायता की मंजूरी से पहले आवेदक के साथ चर्चा की जाती है । ऋणकर्ताओं को स्वीकृति पत्र के जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपनी स्वीकृति भेजने आवश्यक है।
  • सामान्य / विशेष शर्तों के साथ साथ, समय-समय पर यथा संशोधित मानक ऋण समझौते की एक प्रति, एलओआई / स्वीकृति पत्र (कंसोर्टियम वित्तपोषण के मामले में छोड़कर जहां निबंधन और शर्तों को भाग लेने वाले बैंकों/वित्तीय संस्थानों के बीच अंतिम रूप दिया जा सकता है), के साथ प्रस्तुत की जाएगी, उसके बाद ऋणकर्ताओं के साथ ऋण समझौते और सुरक्षा (जमानत) दस्तावेजों क्रियान्वित किए जाएंगे।
  • हालांकि एलओआई/स्वीकृति पत्र जारी करने से पीएफसी परियोजना निधि‍यां जारी करने के लिए बाध्यकर नहीं होगा और न ही इससे ऋणकर्ता को परियोजना/योजना/उद्देश्य से और अधिक सहायता की मंजूरी के लिए कोई अधिकार मिलेगा, जब तक पीएफसी/कंसोर्टियम की संतुष्टि के अनुरूप सभी आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं की लिया जाता है और आवश्यक प्रतिभूतियां सृजित नहीं कर ली जाती हैं ।

ब्याज दरों में परिवर्तन सहित ऋणों का संवितरण

  • ऋणकर्ता पीएफसी के साथ सभी मानक और विशिष्ट निबंधन और शर्तों से युक्त एक ऋण करार करेगा, अपेक्षित दस्तावेजों को निष्पादित करेगा, संवितरण की मांग से पहले, एलओआई/स्वीकृति पत्र में किए गए उल्लेख के रूप में सहायता के लिए सुरक्षा का प्रबंध करेगा।
  • पीएफसी के ऋण समझौतों में, शास्ति‍ (जुर्माना) खंड बोल्ड में दर्शाया जाएगा ।
  • पीएफसी ऐसी मंजूरी से संबंधित निबंधन और शर्तों के अनुरूप मंजूर ऋण का समय पर वितरण सुनिश्चित करेगा ।
  • सामान्य प्रक्रिया में ब्याज दर और अन्य वित्तीय प्रभारों में परिवर्तन भावी रूप से लागू (प्रभावी) की जाएगी ।
  • समझौते के तहत भुगतान की मांग या निष्पादन में तेजी लाने या अतिरिक्त प्रतिभूतियों के लिए मांग करने का निर्णय ऋण समझौते के अनुसार होगा ।
  • पीएफसी किसी भी वैध अधिकार या ग्रहणाधिकार के लिए पीएफसी की संतुष्टि के अनुसार ऋण की पूर्ण अदायगी / वसूली पर सभी प्रतिभूतियों को जारी करेगा और ऋणकर्ता के खिलाफ कॉर्पोरेशन के किसी भी अन्य दावे को समाप्त करेगा। यदि इस तरह के अधिकार का प्रयोग करने की आवश्यकता होती है, तो ऋणकर्ताओं को अपेक्षित विवरण के साथ विधि‍वत और उचित नोटिस दिया जाएगा ।
  • संयुक्त बंधक के मामले में अन्य ऋणदाताओं / प्रभारी धारकों से ‘अनापत्ति‍ प्रमाण पत्र’ (एनओसी) प्राप्त करने के बाद दस्तावेज जारी किए जाएंगे ।

शिकायत निवारण तंत्र

  • पीएफसी ने एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया है। उसके विवरण पीएफसी की वेब साइट पर दिए गए हैं ।
  • पीएफसी अपने ग्राहकों के लाभ के लिए अपने क्षेत्रीय कार्यालयों/ ऐसे प्रमुख स्थानों, जहां प्रमुखता से व्यापार किया जाता है, पर निम्नलिखित जानकारी प्रदर्शित करेगा
    • शिकायत निवारण अधिकारी का नाम और संपर्क विवरण (टेलीफोन / मोबाइल नं. के साथ साथ ईमेल पता भी) जिससे कंपनी के खिलाफ शिकायतों के समाधान के लिए जनता द्वारा संपर्क किया जा सकता है ।
    • यदि शिकायत / विवाद का निराकरण एक माह की अवधि के भीतर नहीं किया जाता है, तो ग्राहक भारतीय रिजर्व बैंक के डीएनबीएस के उस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी अधि‍कारी से अपील कर सकते हैं, जिसके अधिकार क्षेत्र में एनबीएफसी का पंजीकृत कार्यालय आता है ।
  • जानकारी प्रदर्शित करने के लिए प्रारूप अनुबंध-‘क’ में संलग्न है ।

सामान्य प्रावधान

  • पीएफसी को ऋण दस्तावेजों की निबंधन और शर्तों में जिन कार्यों का उल्लेख किया गया है, को छोडकर ऋणकर्ता के मामलों में हस्तक्षेप (जब तक कि कॉर्पोरेशन के संज्ञान में ऐसी कोई नई जानकारी नहीं आती है, जिसका ऋणकर्ता द्वारा पहले खुलासा नहीं किया गया है) करने से बचना होगा। हालांकि पीएफसी के पास ऋण समझौते के अनुसार ऋणकर्ता के बोर्ड में अपने नामिती को नियुक्त करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा ।
  • रिकवरी अपेक्षि‍त कानूनी प्रक्रिया का के बाद व्यापार के सामान्य कोर्स के माध्यम से जारी किया जाता है ।

निदेशक मंडल के लिए पीएफसी के अनुपालन पर रिपोर्ट

  • उचित संव्यव‍हार संहिता के अनुपालन और शिकायत निवारण तंत्र की कार्यप्रणाली का कामकाज संबंधित ऑपरेटिंग इकाइयों द्वारा आवधि‍क रूप से सुनिश्चित किया जाएगा । आंतरिक लेखापरीक्षा इकाई संबंधि‍त इकाइयों से समय-समय पर अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त करेगी और उसकी समीक्षा करेगी । आंतरिक लेखापरीक्षा इकाई इस तरह की समीक्षा के लिए वार्षिक आधार पर निदेशक मंडल के लिए एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी ।
  • ऋणकर्ताओं के लिए महत्व और प्रासंगिकता बढ़ाने के क्रम में इस कोड की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी । इसलिए, पीएफसी, सुधार के लिए किन्ही सुझावों को बहुत महत्व देगा ।

अनुबंध-क

  • पीएफसी ने कंपनी और अपने ग्राहक के बीच निम्नलिखित मामलों से संबंधित विवादों को हल करने के लिए 'ऋणकर्ता शिकायत निवारण तंत्र' लागू किया है to resolve disputes between the company and its customer relating to the following matters :
    • ब्याज पर ब्याज की छूट
    • ब्याज, ब्याज पर ब्याज और दांडिक ब्याज के प्रभार
    • ऋण दस्तावेजों में निर्धारित निबंधन और शर्तें
    • ऋण दस्तावेजों के प्रतिज्ञा पत्रों की व्याख्या
    • ऋण दस्तावेजों निबंधन और शर्तों का विनियमन करने वाली पीएफसी की नीति से संबंधित मामले ।
  • ऋणकर्ता अपनी शिकायतों की रिपोर्ट सचिव, ऋणकर्ता शिकायत निवारण समिति से कर सकते हैं, जिसके विवरण निम्नानुसार हैं : -
  • (समय-समय पर अद्यतन किए जाने वाले यथालागू विवरण)
  • यदि शिकायत / विवाद का निराकरण एक माह[3]की अवधि के भीतर नहीं किया जाता है, तो ग्राहक भारतीय रिजर्व बैंक के डीएनबीएस के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी अधि‍कारी से अपील कर सकते हैं, जिसके विवरण नीचे दि गए हैं ।: -
  • (समय-समय पर अद्यतन किए जाने वाले यथालागू विवरण)
  • ऋण वसूली इकाई निम्नलिखि‍त कार्यों के लिए सभी उपाय करने हेतु प्राधि‍कृत है : (i) प्रपत्र (पीएफसी के एफपीसी के अनुबंध-क में संलग्न) के संदर्भ में सूचना को आवध्िाक रूप से अद्यतन करना, शिकायत निवारण अधिकारी और भारतीय रिजर्व बैंक के डीएनबीएस के क्षेत्रीय अधिकारी के संपर्क विवरण अधिसूचित करना और (ii) क्षेत्रीय कार्यालयों / ऐसे स्थानों जहां पर व्यापार किया जात है, में अद्यतन प्रारूप (प्रपत्र) प्रदर्शि‍त करना ।
  • 'ऋणकर्ता शिकायत निवारण तंत्र' के विवरण पीएफसी की वेबसाइट - www.pfcindia.com पर उपलब्ध हैं ।
  • 'एक माह की अवधि अवधि की गणना पीएफसी के 'ऋणकर्ता शिकायत निवारण तंत्र' के तहत शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध कराई गई अवधि के बाद से की जाएगी