आईपीडीएस
 
“एकीकृत विद्युत विकास योजना” (आईपीडीएस) की शुरुआत विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए की गई -:
      (i)          शहरी क्षेत्रों में सब-ट्रांसमिशन तथा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना।
     (ii)          शहरी क्षेत्रों में वितरण ट्रांसफार्मरों/फीडरों/उपभोक्‍ताओं के लिए मीटर लगाना।
    (iii)       आर-एपीडीआरपी के लिए अनुमोदित परिव्यय को आईपीडीएस में अग्रेनीत कर 12 वीं एवं 13 वीं योजना के लिए पुनर्गठित त्वरित विद्युत विकास योजना एवं सुधार कार्यक्रम (आर-एपीडीआरपी) के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के  लिए दिनांक 21 जून,2013 के सीसीईए के अनुमोदन के अनुसार वितरण क्षेत्र का आईटी समर्थीकरण एवं वितरण नेटवर्क का मजबूतीकरण   ।
इस स्कीम के द्वारा एटीसी हानियों में कमी लाने में , आईटी समर्थित ऊर्जा लेखा/लेखापरीक्षा प्रणाली की स्थापना में, मापी गई खपत पर आधारित बिल की गई ऊर्जा एवं वसूली दक्षता में सुधार लाने में मदद मिलेगी। सब-ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के घटको के साथ योजना की अनुमानित लागत 32,354 करोड़ रुपए है,जिसमें शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का मीटर लगाने के साथ-साथ इसमें पूरी कार्यान्‍वयन अवधि के दौरान भारत सरकार की ओर से 25,354 करोड़ रुपए का बजटीय समर्थन शामिल है।
आर-एपीडीआरपी के रूप में 12 वीं एवं 13 वीं योजना के लिए जून 2013 में सीसीईए द्वारा अनुमोदित वितरण क्षेत्र के आईटी समर्थिकरण एवं  वितरण नेटवर्क के मजबूती के घटक इस योजना में सम्मिलित होगी एवं 22,727 करोड़ रुपए के बजटीय समर्थन सहित  44,011  करोड़ रुपए के योजना परिव्यय  आईपीडीएस योजना में अग्रनीत किया जाएगा ।
 
आर-एपीडीआरपी         
पुनर्गठित त्‍वरित विद्युत विकास तथा सुधार कार्यक्रम (आर-एपीडीआरपी), सितंबर, 2008 में विद्युत मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया। इसे स्थापित करने का प्रमुख ध्येय दसवीं योजना के दौरान सब-ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क को मजबूत एवं अपग्रेड करके इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी को अपनाते हुए बेसलाइन डाटा की स्थापना, ज़िम्मेदारी का निर्धारण एवं एटीएंडसी हानियों को 15 प्रतिशत तक कम करना है । योजना के अंतर्गत इस परियोजना को दो भागों में शुरू किया जाएगा ।
भाग ‘क’ के अंतर्गत बेसलाइन डाटा, ऊर्जा लेखा/लेखापरीक्षा हेतु आईटी अनुप्रयोग, एवं आईटी आधारित उपभोक्ता सेवा  केंद्रों की स्थापना के लिए परियोजनाएं  शामिल है । भाग ‘ख’ नियमित वितरण मजबूतीकरण परियोजनाएं शामिल है एवं भाग ‘ख’  प्रणाली सुधार,मजबूतीकरण एवं संवर्धन को भी कवर करेगा । पीएफ़सी को कार्यक्रम के प्रचालन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में मनोनीत किया गया एवं पीएफ़सी आर-एपीडीआरपी के अंतर्गत सिंगल विंडो सर्विस के रूप में कार्य करेगा । नोडल एजेसी के रूप में पीएफ़सी आर-एपीडीआरपी  संचालन समिति द्वारा बनाए गए मानदंडों के अनुसार कार्यक्रम के संचालन में आए खर्चे का शुल्क एवं प्रतिपूर्ति प्राप्त करेगा।    

अधिक जानकारी के लिए जाएं:- www.apdrp.gov.in